सतना में गंदे और बदबूदार पानी की बढ़ती शिकायतों पर महापौर ने फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया। संविदा एजेंसी को दो दिन का अल्टीमेटम दिया गया, अन्यथा ठेका समाप्त कर नगर निगम स्वयं व्यवस्था संभाल सकता है।
सतना नगर निगम की एमआईसी बैठक में ठेकेदारों के पक्ष में खड़े रहने वाले अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए। एमआईसी सदस्य अंशू ने इंजीनियरों की निष्क्रियता और पार्षदों की अनदेखी को लेकर नाराजगी जताई। खराब सड़कों, मलबे की सफाई, तालाब सौंदर्यीकरण से लेकर पेयजल आपूर्ति तक कई मुद्दों पर लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय।














